ऑटो खरीदने निकले मजदूर की दोस्त ने की हत्या, मोबाइल और नकदी के लालच में गला घोंटकर उतारा मौत के घाट
Laborer out to buy an auto-rickshaw murdered by friend
लखनऊ। Laborer out to buy an auto-rickshaw murdered by friend; आटो खरीदने के लिए घर से 80 हजार रुपये लेकर निकले मजदूर दिलीप रावत की हत्या उसके ही दोस्त ने मोबाइल और रुपये के लालच में कर दी थी। काकोरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर राजफाश कर आरोपित मुजीब उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, नकदी, हत्या में प्रयुक्त गमछा और घटना में इस्तेमाल आटो बरामद कर लिया गया है।
दोना गांव निवासी दिलीप रावत मंगलवार शाम करीब चार बजे नया आटो खरीदने के लिए घर से निकला था। वह अपने साथ 80 हजार रुपये भी ले गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवारजन की शिकायत पर मृतक के भाई मस्तराम रावत की तहरीर पर नकटौरा गांव निवासी मुजीब उर्फ मुन्ना के खिलाफ गुमशुदगी और संदेह के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि बुधवार शाम भलिया अंडरपास के पास आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन किनारे एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त दिलीप रावत के रूप में कराई। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान सर्विलांस और पुलिस टीम ने गुरुवार तड़के आरोपित मुजीब को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपित ने पूछताछ में क्या बताया?
पूछताछ में उसने बताया कि सात जुलाई को उसकी मुलाकात दिलीप से जीरो प्वाइंट पर हुई थी। दोनों पहले आटो एजेंसी पहुंचे, जहां दिलीप ने 50 हजार रुपये जमा किए और ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर एक हजार रुपये दिए। इसके बाद दोनों ने शराब पी और खाना खाया। इसी दौरान दिलीप ने करीब 12 हजार रुपये का नया मोबाइल खरीदा।
मोबाइल में आरोपित ने अपनी सिम डाल ली, जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोपित ने बताया कि गांव लौटते समय नगेश्वर मंदिर के आगे उसने सिगरेट पीने के बहाने टेंपो रुकवाया और पीछे से गमछे से दिलीप का गला घोंट दिया।
हत्या के बाद वह शव को आटो में रखकर भलिया अंडरपास के पास आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड तक ले गया और सुनसान स्थान पर फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से मृतक का मोबाइल, 4,800 रुपये, हत्या में प्रयुक्त गमछा और आटो बरामद कर उसे जेल भेज दिया।